Excelsoft Technologies IPO की आज स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग, शुरुआती कारोबार रहा शांत

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Excelsoft Technologies IPO के शेयरों ने 27 नवंबर, 2025 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर ₹135 प्रति शेयर के भाव से शानदार शुरुआत की । यह कीमत ₹120 के इश्यू प्राइस से 12.5% प्रीमियम को दर्शाती है। इस मजबूत लिस्टिंग का सीधा फायदा निवेशकों को हुआ।

  • तत्काल लाभ: लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को प्रति शेयर ₹15 का तत्काल लाभ (₹120 इश्यू प्राइस की तुलना में) हुआ ।
  • प्रति लॉट रिटर्न: चूंकि आईपीओ का लॉट साइज 125 शेयरों का था, इसलिए जिन निवेशकों को आवंटन मिला, उन्हें प्रति लॉट ₹1,875 का शुद्ध लाभ हुआ ।

Excelsoft Technologies IPO की मुख्य बातें एवं समय सीमा

इस ₹500 करोड़ के आईपीओ की नींव कुछ इस तरह रखी गई:

पहलूविवरण
IPO तिथियाँ19 नवंबर से 21 नवंबर, 2025
लिस्टिंग तिथि26 नवंबर, 2025
प्राइस बैंड₹114 – ₹120 प्रति शेयर
अंतिम इश्यू प्राइस₹120 प्रति शेयर
लॉट साइज125 शेयर
कुल इश्यू आकार₹500 करोड़ (₹180 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹320 करोड़ OFS)

कंपनी का व्यवसाय मॉडल एवं मजबूत पक्ष

Excelsoft Technologies IPO, जिसकी स्थापना 2000 में हुई थी, एक वैश्विक वर्टिकल SaaS (Software as a Service) कंपनी है जो शिक्षा और आकलन (Learning and Assessment) के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है ।

  • व्यापक उत्पाद समूह: कंपनी AI-पावर्ड एप्लिकेशन, टेस्ट और असेसमेंट प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन प्रोक्टोरिंग सॉल्यूशंस, लर्निंग एक्सपीरियंस प्लेटफॉर्म (SARAS LMS, Enable ED LXP) और डिजिटल ई-बुक प्लेटफॉर्म (Open Page) जैसी सेवाएं प्रदान करती है ।
  • वैश्विक ग्राहक आधार: कंपनी के प्रतिष्ठित ग्राहकों में पियर्सन एजुकेशन, AQA एजुकेशन, ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी, और एसेंड लर्निंग जैसे बड़े नाम शामिल हैं । कंपनी की ग्लोबल मौजूदगी है और इसका लगभग 60% राजस्व उत्तरी अमेरिका से आता है ।
  • दीर्घकालिक अनुबंध: कंपनी अपने अधिकांश ग्राहकों के साथ लंबी अवधि के अनुबंधों के तहत कार्य करती है, जिससे राजस्व का एक स्थिर और निरंतर स्रोत सुनिश्चित होता है ।

वित्तीय स्वास्थ्य एवं आईपीओ धनराशि के उपयोग

Excelsoft Technologies का वित्तीय प्रदर्शन हाल के वर्षों में काफी मजबूत रहा है। वित्तीय वर्ष 2025 में, कंपनी ने ₹248.80 करोड़ का कुल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24% की वृद्धि है । इससे भी अधिक प्रभावशाली बात यह है कि कर के बाद का लाभ (PAT) ₹12.75 करोड़ से बढ़कर ₹34.69 करोड़ हो गया, जो 172% की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है ।

IPO के जरिए जुटाई गई ₹180 करोड़ की ताजा पूंजी (फ्रेश इश्यू) को निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाएगा :

  • ₹61.77 करोड़: मैसूर संपत्ति में जमीन खरीद और नई इमारत के निर्माण के लिए।
  • ₹39.51 करोड़: मैसूर स्थित मौजूदा सुविधा के उन्नयन के लिए।
  • ₹54.64 करोड़: कंपनी के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर (हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क) को अपग्रेड करने के लिए।

निवेशकों की प्रतिक्रिया एवं सब्सक्रिप्शन

Excelsoft Technologies IPO को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। यह इश्यू कुल मिलाकर 43.19 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो बाजार के strong confidence को दर्शाता है । विभिन्न श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन इस प्रकार रहा :

  • रिटेल निवेशक (RII): 15.62 गुना
  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 101.69 गुना
  • योग्य संस्थागत खरीदार (QIB): 47.55 गुना

संभावित जोखिम एवं विशेषज्ञों के विचार

हालांकि लिस्टिंग मजबूत रही और निवेशकों का उत्साह कायम है, फिर भी कुछ पहलू ऐसे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है:

  • आक्रामक वैल्यूएशन: कुछ विश्लेषकों का मानना है कि आईपीओ आक्रामक रूप से मूल्यांकित (aggressively priced) किया गया था । FY25 की कमाई के आधार पर P/E अनुपात 34.62x था, जो आईपीओ के बाद बढ़कर 57.46x हो गया है, जो कुछ निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है ।
  • प्रतिस्पर्धी दबाव: एडटेक और SaaS का बाजार अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है। कंपनी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों से चुनौती मिल सकती है ।
  • ग्राहक एकाग्रता: कंपनी का एक बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा ग्राहकों पर निर्भर है। उदाहरण के लिए, इसके कुल राजस्व का लगभग 59% केवल पियर्सन ग्रुप से आता है। इस रिश्ते में कोई भी बदलाव कंपनी के कारोबार पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है ।

कुल मिलाकर, Excelsoft Technologies ने शेयर बाजार में एक मजबूत और सफल एंट्री दर्ज की है। मजबूत वित्तीय वृद्धि, विविध वैश्विक ग्राहक आधार और एडटेक के प्रति बढ़ते रुझान ने कंपनी के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।

हालांकि, उच्च वैल्यूएशन और प्रतिस्पर्धी जोखिमों जैसे कारकों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में, निवेशकों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निर्णय से पहले कंपनी के मूलभूत पहलुओं (फंडामेंटल) का गहन विश्लेषण करें और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें । जिन निवेशकों को आवंटन मिला है, वे आंशिक लाभ बुक करने पर विचार कर सकते हैं, जबकि नए निवेशक लिस्टिंग के बाद के प्रदर्शन पर नजर रखते हुए सतर्कता से आगे बढ़ सकते हैं।

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